आज है पिता के साथ रिश्ते का खास दिन, जानिए Father’s Day का इतिहास

न्यूज पैंट्री डेस्क : हर इंसान के जीवन में उसके माता-पिता का किरदार सबसे अहम होता है. ये सिर्फ जन्म देने या पालन-पोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि जिंदगी संवारने, उसको हर मोड़ पर संभालने और मुश्किलों में सहारा देने वाला रिश्ता है. जिस तरह मां के प्रति सम्मान और स्नेह प्रकट करने के लिए ‘मदर्स डे’ मनाया जाता है, ठीक उसी तरह पिता के प्रति प्यार और इज्जत का इजहार करने के लिए ‘फादर्स डे’ सेलिब्रेट किया जाता है. इस साल रविवार 21 जून को भारत समेत दुनिया के कई देशों में ‘फादर्स डे’ (Father’s Day 2020) मनाया जा रहा है.

फादर्स डे का इतिहास (History of Father’s Day)
फादर्स डे की शुरुआत सबसे पहले अमेरिका से हुई थी. पहली बार फादर्स डे 19 जून, 1909 को मनाया गया था. माना जाता है कि वॉशिंगटन के स्पोकेन शहर में सोनोरा डॉड ने अपने पिता की स्मृति में इस दिन की शुरुआत की थी. इसके बाद साल 1916 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने इस खास दिन को मनाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी.

वहीं 1924 में राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज ने फादर्स डे को राष्ट्रीय आयोजन घोषित किया. हालांकि, इसे जून के तीसरे रविवार को मनाने का फैसला 1966 में राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने लिया था. 1972 में पहली बार यह दिन नियमित अवकाश के रूप में घोषित किया गया.

पिता अपना पूरा जीवन अपने बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने में लगा देते हैं. ऐसे में आज के आधुनिक युग में यदि आप अपने पिता से दूर हैं तो व्हाट्सअप मैसेज या किसी अन्य ऑनलाइन माध्यम से आप उन्हें इस दिन पर आभार प्रकट कर सकते हैं.

इन कोट्स के ज़रिए अपने पिता को कर सकते हैं विश (Father’s Day Quotes & Status)

1- पिता के बिना जिंदगी वीरान होती है, तनहा सफर में हर राह सुनसान होती है, जिंदगी में पिता का होना ज़रूरी है, पिता के साथ से हर राह आसान होती है.

2- है समाज का नियम भी ऐसा कि पिता सदा गम्भीर रहे, मन में भाव छुपे हो लाखों, लेकिन आंखो से न नीर बहे. करे बात भी रूखी-सूखी, बोले बस बोल हिदायत के, दिल मे प्यार है मां जैसा ही, लेकिन अलग तस्वीर रहे.

3- मंजिल दूर और सफ़र बहुत है, छोटी सी जिन्दगी की फिकर बहुत है, मार डालती ये दुनिया कब की हमें, लेकिन ‘पापा’ के प्यार में असर बहुत है.

4- धरती सा धीरज दिया और आसमान सी उंचाई है, जिन्दगी को तरस के खुदा ने ये तस्वीर बनाई है, हर दुख वो बच्चों का खुद पे सह लेतें है, उस खुदा की जीवित प्रतिमा को हम पिता कहते हैं.

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