मजदूरों को लेकर मुंबई से गोरखपुर जाने वाली ट्रेन पहुंच गई ओडिशा, जानिए पूरा मामला !

न्यूज़ पैंट्री डेस्क: कोरोना महामारी की वजह से देश में लगे लॉकडाउन के चलते देश के अलग-अलग  शहरों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए शुरू की गईं श्रमिक विशेष ट्रेनें भी उनके लिए मुसीबत का कारण बन रही हैं. दरअसल श्रमिक स्पेशल न सिर्फ काफी देरी से चल रही हैं, बल्कि मार्ग भी भटक जा रही हैं.

यूं कहें कि इन विशेष ट्रेनों की दशा और दिशा दोनों ही बिग़़डी दिखाई दे ही हैं तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगा. क्योंकि उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में चार-चार दिन का समय लग रहा है. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक खानपान की व्यवस्था सही  नहीं होने की वजह से बच्चों से लेकर ब़़डों तक को कई तरह के समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

दरअसल पश्चिम रेलवे के मुंबई स्थित वसई रोड स्टेशन से गुरुवार यानि 21 मई की शाम 7.20 बजे श्रमिक स्पेशल ट्रेन गोरखपुर के लिए चली. पर यह ट्रेन गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुँचने के बजाय शनिवार यानि 23 मई को दोपहर ओडिशा के राउरकेला होते हुए झारखंड के गिरिडीह पहुंच गई. जबकि मुंबई से गोरखपुर के सीधे मार्ग में न ओडिशा पड़ता है और न ही झारखंड.

रास्ते में हो रही खाने-पीने की दिक्कत

श्रमिकों की समस्या का आलम यह है कि किस्मत मेहरबान हो गई तो कुछ खाने को मिल जाता है. नहीं तो श्रमिकों के साथ चल रहे बच्चे बूंद–बूंद पानी को भी तरस रहे हैं. हालांकि ट्रेनों के अंपने गंतव्य तक पहुंचने में हो रही देरी एवं रूट बदले जाने का वजह बताते हुए पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी गजानन महतपुरकर ने कहा है कि सभी रूटों पर एक साथ कई श्रमिक विशेष ट्रेनें चलने के कारण कुछ ट्रेनों के रूट बदलने प़़ड रहे हैं.

 

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