Cyclone Amphan: भीषण चक्रवात ‘अम्फान’ सुपर साइक्लोन में बदला, जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट

न्यूज़ पैंट्री डेस्क: चक्रवात ‘अम्फान’ बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-मध्य और इससे सटे भागों पर पहुंच गया है, जो अब अत्यंत गंभीर चक्रवात में बदल गया है. मौसम विभाग के मुताबिक, 19 मई के शाम तक यह सुपर साइक्लोन बन जाएगा. तो वहीं निजी मौसम एजेंसी स्काइमेट के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिणी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की संभावना है. इसके अलावा आंतरिक तमिलनाडु, आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर पूर्वी राज्यों में कुछ स्थानों पर भी बारिश की संभावना हैं. तो वहीं तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में गर्जना के साथ एक-दो स्थानों पर तेज़ बौछारें गिर सकती हैं. इसके अलावा राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने की संभावना है. दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी एक-दो स्थानों पर गर्जना के साथ हल्की बारिश की संभावना हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘अम्फान’ से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करने के लिए आज एक उच्च स्तरीय बैठक की.PMO की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि अम्फान को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की तरफ से की गयी तैयारियों, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की समीक्षा की. गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री की बैठक शाम 4 बजे से शुरू हो गई थी, जो एक घंटे से ज्यादा चली. इसमें गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे.

गौरतलब है कि मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि ‘अम्फान’ 20 मई को दोपहर या शाम के दौरान अत्यंत भयंकर तूफान के रूप में बांग्लादेश में हटिया द्वीप और पश्चिम बंगाल के दीघा के बीच पश्चिम बंगाल एवं बांग्लादेश तट के बीच से गुजरेगा. इस दौरान 155-165 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो कभी भी 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं. इसके अलावा ओडिशा प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए गंजाम, गजपति, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, बालासोर, मयूरभंज, जाजपुर, कटक, खुर्दा और नयागढ़ के जिलाधिकारियों से जरूरत पड़ने पर संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने के लिए तैयार रहने को कहा है. ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त पी के जेना ने कहा कि 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तैयारियां कर ली गई हैं लेकिन लोगों को किन स्थानों से निकालना है यह फैसला सही समय पर किया जाएगा.

 

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