सुशांत सिंह राजपूत के वो ‘सपने’ जो कभी पूरे नहीं हो पाएंगे

न्यूज पैंट्री डेस्क: मशहूर अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत नहीं रहे. सुशांत अपने बांद्रा स्थित आवास पर रविवार को मृत पाए गए हैं. पुलिस का कहना है कि सुशांत ने आत्महत्या की है. लेकिन इसकी वजह अब तक सामने नहीं आई है. ये भी बताया जा रहा है कि पिछले छह महीने से वह डिप्रेशन से लड़ रहे थे. छोटे पर्दे से करियर की शुरुआत करने वाले सुशांत के कई बड़े सपने थे. यही सपने सुशांत को फ़िल्मों में भी लेकर आए.

सुशांत ने अपने इन सपनों के बारे में ट्विटर पर लिखा है. आगे पढ़िए सुशांत सिंह राजपूत के ऐसे ही सपनों के बारे में…

सुशांत सिंह राजपूत ने 14 सितंबर साल 2019 में अपने सपनों का पहला पन्ना लिखा था. उस पहले पन्ने का शीर्षक था ‘MY 50 DREAMS & COUNTING! 123…’

सुशांत ने सपनों के पन्ने पर पहला सपना जो लिखा था वो हवाई जहाज़ उड़ाना सीखना था.दूसरा सपना था आयरनमैन ट्राएथलॉन के लिए तैयारी करना.

यह एक तरह की एक दिवसीय प्रतियोगिता होती है जिसमें प्रतिभागियों को तैराकी, साइकिलिंग और लंबी दौड़ पूरी करनी होती है लेकिन एक तय समय में. जीतने वाले शख़्स को आयरमैन की उपाधि दी जाती है.

तीसरा सपना पढ़कर शायद आपको उनकी फ़िल्म धोनी याद आ जाए. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान, विकेटकीपर और दाएं हाथ के बल्लेबाज़ महेंद्र सिंह धोनी का किरदार निभाने वाले सुशांत सिंह राजपूत बाएं हाथ से क्रिकेट मैच खेलना चाहते थे.

चौथा सपना था मोर्स कोड सीखना. बॉलीवुड एक्टर सुशांत का पांचवा सपना बच्चों को स्पेस के बारे में सीखने में मदद करना था. क्रिकेट के चैंपियन का किरदार निभाने वाले सुशांत टेनिस के चैंपियन के साथ मैच खेलना चाहते थे और यही उनका छठा सपना भी था.

सुशांत सिंह राजपूत के कई फिटनेस वीडियो आपने देखे होंगे. लेकिन फ़िटनेस से जुड़ा एक वर्कआउट उनका सातवां सपना था. फ़ोर क्लैप पुशअप्स करना उनका सातवां सपना था.

पहला पन्ना सात सपनों पर पूरा हो गया लेकिन सपने तो अभी और भी थे. इसलिए दूसरा पन्ना लिखा गया…

सुशांत सिंह राजपूत को हम उनके अभिनय और मुस्कान से पहचाते हैं लेकिन उनके सपने पढ़ने पर पता चलता है कि अंतरिक्ष और ग्रहों में भी उनकी रुचि काफी थी.

आठवां सपना पढ़िए… एक हफ़्ते तक चन्द्रमा, मंगल, बृहस्पति और शनि ग्रह को उनकी कक्षा में घूमते हुए मॉनिटर करना.

ब्लू होल में गोता लगाना सुशांत के इस दूसरे पन्ने का दूसरा और फ़ेहरिश्त का नौंवा सपना था.

दसवां सपना था डबल स्लिट एक्सपेरिमेंट को एक बार करके देखना. यह प्रकाश के तरंग के गुण को समझाने वाला एक प्रयोग है.

सुशांत हज़ार पेड़ लगाना चाहते थे और यही उनका 11वां सपना भी था.

सुशांत ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद अपने सपनों को पूरा करने के लिए एक्टिंग की तरफ रुख किया था. डेल्ही कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग के हॉस्टल में एक शाम बिताना उनका 12वां सपना था.

सुशांत के अंतरिक्ष प्रेम का नमूना उनके 13वें सपने में दिखता है. वो 100 बच्चों को इसरो या नासा में वर्कशॉप के लिए भेजना चाहते थे.

14वां सपना शायद उन्होंने फ़िल्म केदारनाथ के दौरान बुना होगा. वो कैलाश में मेडिटेशन करना चाहते थे.

तीसरा पन्ना, 11 और ख्वाहिशें…

चैंपियन क साथ पोकर खेलना
किताब लिखना
सर्न की लैब देखने जाना
ध्रुवीय रोशनी को देखते हुए पेंट करना
नासा का एक और वर्कशॉप अटेंड करना
छह महीने के भीतर सिक्स पैक एब्स बनाना
सेनोटेस में तैराकी करना
जो लोग नहीं देख सकते उन्हें कोडिंग सिखाना
जंगल में एक सप्ताह गुज़ारना
वैदिक ज्योतिषशास्त्र को समझना
डिज़्नीलैंड देखना

चौथा पन्ना और कुछ और सपने… (26-34

लीगो की लैब देखने जाना
एक घोड़ा पालना
दस तरह के डांस फॉर्म सीखना
फ्री एजुकेशन के लिए काम करना
एंड्रोमेडा गैलेक्सी को एक विशाल टेलीस्कोप से देखना और उसका अध्ययन करना
क्रिया योग सीखना
अंटार्कटिका घूमने जाना
महिलाओं की स्वरक्षा की ट्रेनिंग के लिए मदद करना
एक सक्रिय ज्वालामुखी को कैमरे में कैद करना

सुशांत सिंह राजपूत का 35वां सपना था कि वो खेती सीखें.

वो बच्चों को डांस सिखाना चाहते थे और यही उनका 36वां सपना भी था.

सुशांत अपने दोनों हाथों से एक समान तीरंदाज़ी करना चाहते थे. यह उनका 37वां सपना था.

सुशांत रेसनिक-हेलिडे की मशहूर भौतिकी की किताब को पूरा पढ़ना चाहते थे. यह उनका 38वां सपना था.

वो पॉलिनेसियन एस्ट्रोनॉमी को समझना चाहते थे, जो उनका 39वां सपना था.

अपने मशहूर पचास गानों को गिटार पर बजाना सीखना उनका 40वां सपना था.

चैंपियन के साथ शतरंज की बिसात पर बैठना उनका एक और ख़्वाब था. फेहरिश्त में 41वें नंबर पर.

लैंबर्गिनी खरीदना चाहतेथे. 42वां सपना.

वियना के सेंट स्टिफ़न कैथेड्रेल जाना उनका 43वां सपना था.

विज़िबल साउंड और वाइब्रेशन के प्रयोग करना उनका 44वां सपना था.

इंडियन डिफ़ेंस फोर्सेज़ के लिए बच्चों को तैयार करना उनका 45वां सपना था.

सुशांत स्वामी विवेकानंद पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाना चाहते ते. ये उनका 46वां सपना था.

सर्फ़ बोर्ड पर लहरों से खेलना उनका अगला सपना था.

48वां सपना था, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस पर काम करना.

ब्राज़ील की डांस और मार्शल आर्ट फॉर्म सीखना सुशांत का 49वां ख़्वाब था.

आख़िरी सपना जो लिखा है वो है ट्रेन में बैठकर पूरा यूरोप घूमना.

ऐसा नहीं था कि सुशांत सिर्फ़ सपने पिरोए जा रहे थे. कुछ उन्होंने पूरे भी कर लिए थे.

सुशांत ने 50 सपनों की एक लिस्ट तैयार की थी. 11 पूरे हुए. जो नहीं हुए वो अब अब कभी नहीं होंगे क्योंकि इन सपनों को देखने वाली आंखें बंद हो चुकी हैं.

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