गरीबों की मदद के लिए राहुल गांधी की इन चार मांगों को जरूर सुने मोदी सरकार !

न्यूज पैंट्री डेस्क : देश में जारी कोरोना संकट के बीच कांग्रेस पार्टी एक्शन मोड में आ गई है. पिछले कुछ दिनों से पार्टी ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर लगातार प्रहार किए हैं. मजदूरों के पलायन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार को जमकर घेरा. साथ ही राहुल गांधी प्रवासियों और अर्थव्यवस्था के संकट को लेकर कई जाने-माने विशेषज्ञों से बात करते भी नजर आए.

इसी कड़ी में कांग्रेस ने स्पीक अप इंडिया नाम का कैंपेन शुरू किया है. इसके तहत पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आह्वान किया है कि ‘यह भारत के एक साथ खड़े होने और खुलकर बोलने का समय है.’ उन्होंने कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में गरीबों और जरूरतमंदों के लिए आवाज उठाने की जरूरत है. इसके लिए पूरे देश को एक सुर में अपनी आवाज बुलंद करनी होगी.

गरीबों के लिए आवाज उठाने की जरूरत

ट्विटर पर अपनी एक वीडियो पोस्ट करते हुए राहुल ने लिखा, “देश को उन भाइयों और बहनों के लिए बोलना होगा जो जिंदा रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. देश को उन लोगों के लिए बोलना होगा जिनकी आवाज दबा दी गई है. देश को उनके लिए बोलना होगा जो मौजूदा संकट के कारण मायूसी में हैं. इनके लिए हम मिलकर कुछ बदलाव ला सकते हैं.”

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राहुल गांधी ने #SpeakUpIndia के साथ यह वीडियो जारी किया है. वीडियो में उन्होंने कई मुद्दों पर बात की है. उन्होंने कहा कि इस वक्त देश का एक बड़ा वर्ग आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. लोग लाचार और बेबस नजर आ रहे हैं और सरकार ने उनके लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं. इसके अलावा राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं. राहुल ने कहा कि इस वक्त लोगों को कर्ज की जरूरत नहीं है, हिंदुस्तान को आज पैसे की जरूरत है. गरीब जनता को पैसे की जरूरत है.


कांग्रेस पार्टी की चार माँगें –

  • केंद्र सरकार हर ग़रीब परिवार के बैंक अकाउंट में छह महीने तक प्रतिमाह 7500 रुपये डालने की व्यवस्था करे.
  • ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के लिए मनरेगा को सौ की बजाय दो सौ दिनों के लिए चलाया जाए.
  • छोटे और मंझोले उद्योगों से जुड़े लोगों के लिए तुरंत एक पैकेज तैयार किया जाए.
  • जो लोग अब भी सड़कों पर मज़बूरन पैदल अपने गाँवों को लौट रहे हैं, उनके लिए तुरंत परिवहन की सुविधा की जाए.
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