कोरोना के इलाज के लिए रेमडेसिवियर दवा बनाने वाला पहला देश बना बांग्लादेश

न्यूज पैंट्री डेस्क : इस समय पूरी दुनिया कोरोना वायरस का इलाज ढ़ूँढ़ रही है. लाखों लोगों की जान ले चुकी इसे खतरनाक वायरस का अभी तक कोई इलाज नहीं मिल पाया है. अलग-अलग देशों में कोविड-19 संक्रमित मरीजों का इलाज अलग-अलग तरीकों से किया जा रहा है. डब्लूएचओ ने भी अभी तक कोई एक विशेष दवाई को मान्यता नहीं दी है.

इस बीच बांग्लादेश से एक बड़ी खबर आई है. बांग्लादेश की दवा बनाने वाली कंपनी बेक्सिम्को ने एंटीवायरल दवा रेमडेसिवियर का एक जेनरिक संस्करण तैयार कर लिया है. ऐसा करने वाली बेक्सिम्को दुनिया की पहली कंपनी बन गई है. रेमडेसिवियर दवा का इस्तेमाल इबोला वायरस के उपचार में किया गया था. अफ्रीका के कई देशों में इस वायरस ने पांव पसारे थे. इसके उपचार के लिए अमेरिकी कंपनी गिलीड साइंसेज ने रेमडेसिवियर दवा को विकसित किया था.

यह दवा कैसे काम करती है ?

दरअसल, हमारे शरीर में कुछ ऐसे एंजाइम होते हैं जो शरीर में घुसने वाले वायरस के लिए खाद-पानी का काम करते हैं. मलतब ये एंजाइम उस वायरस को बढ़ाने में मदद करते हैं. रेमडेसिवियर दवा ऐसे ही एंजाइम पर हमला करती है और उन्हें निष्क्रिय कर देती है. इबोला वायरस के इलाज में यह दवा काफी कारगर साबित हुई थी.

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दुनिया में कोरोना वायरस आया तो उसके इलाज के लिए रेमडेसिवियर को इस्तेमाल करने के बारे में सोचा गया. कई देशों में कोविड-19 मरीजों को यह दवा दी भी जा रही है, जिनमें अमेरिका भी शामिल है. हाल ही में अमेरिका में एक रिसर्च की गई थी जो बताती है कि किसी गंभीर बीमार मरीज को रेमडेसिवियर दवा दी जाती है तो वह जल्दी ठीक हो जाता है. अमेरिकी सरकार का भी दावा है कि वहां कोरोना मरीजों को यह दवा दी जा रही है. इसकी वजह से मरीज 15 दिन की बजाय 11 दिन में ही ठीक होकर घर जा रहे हैं.

कई देश करना चाहते हैं प्रयोग

हालांकि, इस दवा से मरीजों के जिंदा रहने की दर में कोई खास सुधार नहीं देखा गया है. मेडिकल फील्ड के जानकारों का कहना है कि कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में रेमडेसिवियर को जादुई गोली मानने की भूल नहीं करनी चाहिए. चूंकि फिलहाल, कोरोना का कोई तय इलाज नहीं मिल पाया है इसलिए कुछ देश इस दवा को आजमाना चाहते हैं.

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ऐसे में बांग्लादेशी कंपनी बेक्सिम्को की इस खोज को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. माना जा रहा है कि बेक्सिम्को इस दवा की सप्लाई दक्षिण एशियाई देशों (भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, मालदीव, नेपाल और भूटान आदि) को आसानी से और तत्काल कर सकेगी. माना जा रहा है कि बेक्सिम्को इस दवा को बड़े पैमान पर बनाने के लिए भारत और पाकिस्तान में भी कोई साझेदार कंपनी तलाश लेगी.

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