बड़ी खबर ! 1 जून से चलेंगी नॉन एसी ट्रेनें, इस दिन से शुरू होगी बुकिंग

न्यूज़ पैंट्री डेस्क: देशभर में लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ा दिया गया है. कोरोना की वजह से प्रवासी मजदूरों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि केंद्र सरकार ने मजदूरों की तकलीफों को ध्यान में रखते हुए घर भेजने का प्रयास किया है. लेकिन फिर भी मजदूर पैदल ही पलायन कर रहे हैं.

भारतीय रेलवे ने मजदूरों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई है. उस पर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कई ट्वीट किया है- “राज्य सरकारों से आग्रह है कि श्रमिकों की सहायता करे तथा उन्हें नजदीकी मेनलाइन स्टेशन के पास रजिस्टर कर, लिस्ट रेलवे को दे, जिससे रेलवे श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाये श्रमिकों से आग्रह है कि वो अपने स्थान पर रहें, बहुत जल्द भारतीय रेल उन्हें गंतव्य तक पहुंचा देगा.”

श्रमिकों के लिये बड़ी राहत, आज के दिन लगभग 200 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चल सकेंगी, और आगे चलकर ये संख्या बड़े पैमाने पर बढ़ पायेगी.

गौरतलब है कि इस काम में भी कई राज्य सरकारें व्यवधान उत्पन्न कर रही हैं और मजदूरों के लिए समस्याएं बढ़ा रही हैं. हालांकि अब इसी क्रम में बड़ा निर्णय लिया गया है. दरअसल अब रेलवे को मजदूरों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के लिए राज्यों की मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ेगी.

अब रेलवे को राज्यों की मंजूरी की जरूरत नहीं

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक रेलवे के प्रवक्ता राजेश बाजपेयी ने बताया कि नई एसओपी के बाद श्रमिक विशेष ट्रेनों को चलाने के लिए राज्यों की सहमति की आवश्यकता नहीं होगी. क्योंकि गृह मंत्रालय ने प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में पहुंचाने के लिए इन ट्रेनों को चलाने के लिए रेलवे के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम (एसओपी) को जारी किया है.

20 लाख से अधिक मजदूरों को भेजा गया घर

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को ट्वीट में बताया कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे द्वारा 20 लाख से अधिक कामगारों को 1,565 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर उनके घर भेजा जा चुका है। अकेले उत्तर प्रदेश 837, बिहार 428 और मध्यप्रदेश 100 से अधिक ट्रेनों की अनुमति दे चुके है.

श्रमिक ट्रेन चलाकर हर जिले से घर भेजेंगे मजदूर- पीयूष गोयल

इससे पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि वह देश के हर जिले में श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए तैयार हैं जहां के लोग किसी दूसरे राज्य में फंसे हुए हैं. लॉकडाउन के दौरान कई राज्यों में मजदूर पैदल ही अपने घर को निकल रहे हैं. इनमें से कई मजदूरों में रास्ते में ही दम तोड़ दिया. इसको ध्यान में रखते हुए रेलवे ने ज्यादा से ज्यादा श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है.

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