कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क पहनना चाहिए या नहीं ?

अमिताभ राय, न्यूज पैंट्री : कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचा दिया है. बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी इस बला से छुटकारा पाना चाहते हैं. पिछले 5 महीने से यह छोटा सा वायरस पूरी दुनिया को अपनी उंगली पर नचा रहा है. लोग इससे बचने के लिए हर उपाय कर रहे हैं लेकिन ये वायरस इतना खतरनाक है कि हर बार रंग रूप बदलकर अटैक करता है.

जब से कोरोना महामारी ने पैर पसारे हैं तब से दुनिया भर में मास्क पहने लोगों की तस्वीरें सामने आ रही हैं. जानकारों का कहना है कि मास्क इस घातक बीमारी से बचने के सबसे जरूरी उपायों में से एक है. कहा जा रहा कि आपको हर वक्त मास्क लगाना जरूरी है. यहां तक कि घर में भी मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है. लेकिन अब मास्क को लेकर एक नई रिसर्च सामने आई है, जिसे जानना सभी के लिए जरूरी है.

कोरोना वायरस फैला सकता है N-95 मास्क

रिसर्च के मुताबिक एन-95 मास्क लगाने वाला शख्स खुद तो सुरक्षित रहता है लेकिन इससे आसपास के लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि एन-95 मास्क पहनने वाले शख्स के आस-पास के लोगों को कोरोना वायरस फैलने का ज्यादा खतरा है. ऐसा इसलिए क्योंकि छिद्रों वाला एन-95 मास्क प्रदूषण से बचने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

दरअसल यह मास्क मुंह में कार्बन डाइऑक्साइड इकट्ठी होने से रोकता है. मास्क पहनकर जब सांस छोड़ी जाती है तो मुंह से कीटाणुओं के बाहर निकलने का खतरा रहता है. इससे आस-पास के लोग संक्रमित हो सकते हैं. मास्क के छिद्रों से हवा के साथ-साथ वैक्टीरिया या वायरस भी बाहर निकल सकते हैं. ये दूसरे लोगों के लिए घातक साबित हो सकते हैं.

N-95 मास्क का इस्तेमाल कितना सही

इस बारे में पीएसआरआई के चेयरमैन जीसी खिलनानी अपनी राय रखते हैं. उनका कहना है कि ऐसे एन-95 मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए जिसमें छिद्र ना हो. साथ ही मास्क को इस तरह से पहनना चाहिए, जिससे नांक, मुंह और थुड्डी उससे ढक जाए. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी केवल हेल्थ केयर और सफाई कर्मियों को सर्जिकल मास्क पहनने की सलाह दी है.

भारत में भी मास्क का खूब इस्तेमाल किया जा रहा है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे लेकर एक एडवाइजरी जारी की है. मंत्रालय ने अपील की है कि लोग एन-95 मास्क का इस्तेमाल ना करें. यह मास्क पीपीई किट का हिस्सा है जिसे कोविड-19 से लड़ रहे फ्रंटलाइन कर्मचारी ही इस्तेमाल कर सकते हैं.

कोरोना वायरस को रोकने में कितना कारगर है N-95 मास्क

महाजन इमेजिंग के मालिक हर्ष महाजन इस पर जुदा राय रखते हैं. उनका कहना है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी एन-95 मास्क का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी के बीच एन-95 मास्क पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए. ऐसे मास्क तब इस्तेमाल किए जाते हैं जब प्रदूषण की मात्रा ज्यादा हो.

कोरोना से बचने के लिए मास्क पहनना सबसे जरूरी है. लेकिन मास्क पहनने से पहले सही मास्क का चुनाव करना ज्यादा जरूरी है. बाजार में मिलने वाले मास्क की बजाय घर में बने मास्क का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर रहता है. इससे सेहत को भी कोई नुकसान भी नहीं पहुंचता और साथ ही इनको धोकर दोबारा भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है.

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