क्या घरेलू नुस्खों से कोरोना वायरस को हराया जा सकता है ?

अमिताभ राय, नई दिल्ली: कोरोना वायरस से पूरी दुनिया फिलहाल तो बिना किसी हथियार के ही जंग लड़ रही है. इस वायरस को हराने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं. हालांकि, अभी तक इसका कोई कारगर इलाजन नहीं मिल पाया है. कोरोना वायरस पर अभी तक जितनी रिसर्च हुई है उससे पता चलता है कि ये वायरस भी आम फ्लू की तरह है. इसका मतलब हुआ कि धीरे-धीरे सब लोग इस वायरस की चपेट में आने वाले हैं. सोशल डिस्टेंसिंग, क्वारंटीन और लॉकडाउन जैसे उपाय लंबे नहीं चल सकते हैं.

 कोविड-19 को खत्म कर पाना फिलहाल तो संभव नहीं दिखता है. ऐसे में हमें इस बीमारी से लड़ने की आदत डालनी होगी. इस महामारी को लेकर तमाम रिसर्च की जा रही है लेकिन ये सभी अभी पहले फेज में हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले मरीज आखिर ठीक कैसे हो रहे हैं?


आयुष विभाग क्या कहता है ?

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की आयुष इकाई ने कोविड-19 को लेकर एक जानकारी साझा की है. इसके मुताबिक सूखी खांसी और गले में खराश को दूर करने में आयुष का घरेलू उपचार बहुत ही कारगर है. अगर आप ताजा पुदीने के पत्ते और काला जीरा को पानी में उबालकर दिन में एक बार भी भाप लेते हैं, तो इससे काफी राहत मिलती है. यह बात वैज्ञानिक तरीके से साबित हो चुकी है कि भाप फेफड़ों के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है. भाप लेने से फेफड़ों को आसानी से संक्रमण मुक्त किया जा सकता है.

डॉक्टरों का कहना है कि अगर कोई शख्स 24 घंटे में तीन से चार बार भाप लेता है तो इससे वायरस कमजोर हो जाता है. इसका मतलब है कि कोरोना का संक्रमण अगर किसी के फेफड़ों तक भी पहुंच चुका है तो आयुर्वेदिक भाप लेकर इस पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है.


कोरोना को हराने के लिए आदतें बदलिए

अब ऐसा भी नहीं है कि कोरोना होने के बाद ही भाप ली जाए. अगर आप एकदम स्वस्थ हैं तो भी भाप ली जा सकती है. घर में सादा पानी को गर्म करके उसकी भाप भी फेफड़ों के अंदर ली जा सकती है. इससे भी कोरोना संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है.

कोरोना वायरस के बारे में जानकारी की कमी और तमाम तरह की भ्रान्तियां और अफवाह इस बीमारी को और भयावह बना दे रहे हैं. कोरोना से लड़ने का ऐसा कोई भी इलाज नहीं है जो आम इंसान की पहुंच से दूर हो. बस आपको अपनी जीवन शैली में कोरोना वायरस को भगाने के लिए बदलाव लाना होगा. अच्छी बात यह है कि भारत का पारंपरिक खान-पान कोरोना वायरस से जूझने में बेहद मददगार साबित हो रहा है. इससे भारत में संक्रमित मरीजों का रिकवरी रेट भी अच्छा है.

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