कोरोना वायरस की सबसे बड़ी खुशखबरी जिसका दुनिया को बेसब्री से इंतजार है!

न्यूज पैंट्री डेस्क : कोरोना वायरस से जुड़ी खबरें सुनते और देखते 6 महीने होने को आए हैं. इस बीच लाखों लोगों के मरने की खबरें आईं और ये भी पता चला कि दुनिया भर में एक करोड़ से ज्यादा लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं. कोरोना के इलाज की खबरें भी खूब आती रहीं और बीच-बीच में किसी नई दवा के कारगर होने के दावे किए जाते रहे.

इसके बावजूद जिस खबर का पूरी दुनिया बेसब्री से इंतजार कर रही है, वो अब तक नहीं मिली है. निश्चित ही जिस दिन यह खबर आएगी, दुनिया के लिए वो सबसे ज्यादा खुशी का दिन होगा. यह खबर है कोरोना वायरस की वैक्सीन बनने से जुड़ी है. माना जा रहा है कि दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा कोरोना वायरस की चपेट में आ सकता है. ऐसे में वैक्सीन ही इन लोगों को कोरोना से बचा सकती है.

कोरोना की वैक्सीन आने से क्या होगा?

अब ऐसा भी नहीं है कि वैक्सीन आते ही कोई चमत्कार हो जाएगा और कोरोना वायरस रातों-रात दुनिया से चला जाएगा. लेकिन वैक्सीन आने के बाद लॉकडाउन लगाने की जरूरत नहीं होगी और न ही सोशल डिस्टेंसिंग जैसे प्रतिबंध लगाने होंगे. अस्पतालों से कोरोना के मरीजों का बोझ हट जाएगा और लोगों की जिंदगी सामान्य होने लगेगी.

इसे भी पढ़ें- भारत में कोरोना का इलाज कैसे हो रहा है, मरीजों को कौन सी दवाएं दी जा रही हैं?

पिछले साल दिसंबर के आखिर में चीन के वुहान प्रांत से इस जानलेवा वायरस की शुरूआत हुई. तब से लेकर अब तक सिर्फ छह महीने में एक करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 5 लाख से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. दुनिया के लिए यह वायरस एकदम नया है इसलिए इसका इलाज भी नहीं मिल पाया.

वैक्सीन पर कितना काम हो चुका है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्लूएचओ समेत कई देशों के डॉक्टर इसकी वैक्सीन बनाने में जुटे हैं लेकिन इसके लिए कब तक इंतजार करना पड़ेगा, यह सवाल अभी भी बना हुआ है. इस वक्त दुनिया भर में 120 जगहों पर वैक्सीन बनाने की कोशिशें की जा रही हैं. इनमें से 13 जगहों पर क्लीनिकल ट्रायल किए जा रहे हैं. इसका मतलब है कि सबसे पहले इन 13 जगहों में से ही किसी जगह पर वैक्सीन बनेगी.

इसे भी पढ़ें- कोरोना वायरस का इलाज नहीं है तो फिर संक्रमित मरीज ठीक कैसे हो रहे हैं?

इन 13 जगहों में से 5 चीन, 3 अमेरिका और 2 ब्रिटेन में हैं. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, रूस और जर्मनी में एक-एक जगह पर ट्रॉयल चल रहा है. ब्रिटेन में कोरोना वैक्सीन का इंसानों पर परीक्षण करने की तैयारी शुरू हो गई है. लंदन के इंपीरियल कॉलेज में 300 लोगों पर यह ट्रॉयल किया जाएगा. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में भी वैक्सीन का इंसानी परीक्षण किया जा रहा है.

कब तक बन पाएगी कोरोना वैक्सीन?

दवा और वैक्सीन बनाने वाली कंपनी अस्ट्राजेनेका से 10 करोड़ वैक्सीन डोज की डील की गई है. इसके अलावा शीर्ष दवा कंपनियां सनफई और जीएसके ने भी वैक्सीन विकसित करने के लिए आपस में तालमेल किया है. ऑस्ट्रेलिया में भी दो संभावित वैक्सीन का नेवलों पर प्रयोग शुरू हुआ है. माना जा रहा है कि इसका इंसानों पर ट्रायल अगले साल तक शुरू हो पाएगा.

इसे भी पढ़ें- माउथ वॉश से मर सकता है कोरोना वायरस, रिसर्च में हुआ खुलासा

अब तक दुनिया में कई महामारियां आ चुकी हैं जिन्हें इंसानी वजूद के लिए सबसे बड़ा खतरा माना गया. इन महामारियों और कई अन्य बीमारियों के वैक्सीन बनाने की प्रक्रिया को देखें तो इसमें सालों का वक्त लगता है. कई बार तो वैक्सीन बनाने में दशकों का समय भी लगता है. कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में भी इतना ही वक्त लग सकता है या फिर हो सकता है कि आने वाले कुछ महीनों में ही सफलता मिल जाए.

वैक्सीन का इंतजार कब तक?

मौजूदा वक्त में कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में जितनी तेजी से काम चल रहा है उसे देखकर रिसर्चरों को उम्मीद है कि कुछ ही महीनों में दुनिया को सबसे बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. कोविड-19 को लेकर बेहद तेज गति से काम चल रहा है और टीका बनाने के लिए भी अलग-अलग रास्ते अपनाए जा रहे हैं.

इसे भी पढ़ें- ‘कोरोना के इलाज के लिए ट्रंप ने भारत से जो दवा मंगाई उससे ज्यादा मौतें’

ज्यादातर एक्सपर्ट की राय में 2021 के मध्य तक कोविड-19 का वैक्सीन बन जाएगी. इसका मतलब हुआ कि कोविड-19 वायरस का पता चलने के बाद वैक्सीन विकसित होने में लगने वाला समय 18 महीने माना जा रहा है. अगर ऐसा हुआ तो यह एक बहुत बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि होगी, लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि वैक्सीन पूरी तरह कामयाब ही होगी.

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *