बड़ी खबर ! भारत ने खोज लिया कोरोना का इलाज, ICMR ने दी हरी झंडी

अमिताभ राय, न्यूज पैंट्री : दुनिया में कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है. दुनिया भर में हजारों वैज्ञानिक दिन-रात एक करके इस महामारी का तोड़ ढूंढने में लगे हैं. ऐसे में भारत के लिए एक राहत भरी खबर आई है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर (ICMR) ने कोरोना मरीजों के लिए तैयार की गई एक दवा को बनाने की हरी झंडी दे दी है. राजनिर्वाण बटी नाम की इस दवा को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी ने तैयार किया है.

राजनिर्वाण बटी को एलोपैथी और आयुर्वेद के घटकों से मिलाकर बनाया गया है. इस एलोवैदिक बटी का कोरोना के गंभीर मरीजों पर प्रयोग किया गया था. बड़ी बात यह है कि मरीजों पर इस दवा का अच्छा असर हुआ है. इसे देखते हुए आईसीएमआर (ICMR) ने व्यापक पैमाने पर इस दवाई को बनाने की मंजूरी दे दी है.

सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी ने बनाई कोरोना की दवा

सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. राजकुमार ने इस दवा के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पहले चरण में यह दवा केवल कोविड-19 अस्पतालों के लिए बनाई जाएगी. अगले चरण में ही इसे बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा. कुलपति प्रो राजकुमार ने बताया कि उन्होंने ऋषिकेश के आयुर्वेदाचार्य योगीराज निर्वाण देव के साथ मिलकर रिसर्च की थी. काफी शोध के बाद राजनिर्वाण बटी को तैयार किया गया है.

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कैसे तैयार की गई कोरोना की दवा ?

  • आयुर्वेद के 12 और एलोपैथ के 1 घटक को मिलाकर पहले काढ़ा तैयार किया गया.
  • पॉजिटिव रिजल्ट मिलने के बाद इसे बटी के रूप में बनाया गया.
  • इसका कोरोना संक्रमित 40 गंभीर मरीजों पर परीक्षण किया गया.
  • इसमें 9 मरीज 60 वर्ष की ऊपर के उम्र वाले और 8 मरीज दमा, शुगर, कैंसर और दिल की बीमारी से ग्रसित थे.
  • बटी देने के बाद 26 मरीजों की रिपोर्ट पांचवें दिन निगेटिव आ गई.
  • चार मरीज 10वें दिन ठीक हो गए और बाकी दस मरीजों का उपचार चल रहा है.

रोगियों पर इस्तेमाल करने के बाद जो रिजल्ट मिले उसकी रिपोर्ट आईसीएमआर (ICMR) को भेजी गई. रिपोर्ट को देखने के बाद आईसीएमआर (ICMR) ने इस दवा को बनाने की अनुमति दे दी.

कोरोना मरीजों को ठीक करने के लिए भारत में इस दवा को मिली मंजूरी

सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी की ओर से राज्य सरकार को इसकी जानकारी दे दी गई है. प्रो. राजकुमार ने बताया कि दवा के बारे में सीएम योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री को रिपोर्ट दे दी गई है. उन्होंने इसे कोविड-19 अस्पतालों के लिए तैयार करने को कहा है. संक्रमितों की संख्या घटने के साथ दवा को बनाने में लग रहे घटकों की उपलब्धता के हिसाब से इसे बाजार के लिए भी तैयार किया जाएगा.

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