LAC पर अब कमांडरों को दी गई खुली छूट, मर्जी से चला सकते हैं हथियार

न्यूज पैंट्री डेस्क : एलएसी पर भारत और चीन के बीच तनाव जारी है. 15-16 जून को यहां दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हो चुकी है. इसमें एक कमांडिंग अफसर समेत 20 भारतीय जवानों की जान चली गई थी. जानकारी के मुताबिक इस झड़प में हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया गया था. अब भारत ने एलएसी पर तैनात कमांडरों को खुली छूट दे दी है.

अंग्रेजी दैनिक हिंदुस्तान टाइम्स में इस मामले पर एक रिपोर्ट छपी है. इसके मुताबिक गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष में 20 भारतीय सैनिकों की मौत के बाद सेना ने यह फैसला लिया है. अब एलएसी पर तैनात कमांडरों को मौके पर खुद ही फैसला लेने के लिए खुली छूट दे दी गई है.

नियमों में बदलाव कर रही भारतीय सेना

इस फैसले के बाद अब कमांडर हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं. हालात को देखते हुए कमांडर अपने मुताबिक फैसला ले सकते हैं. इसके लिए उन्हें हाई कमान से परमिशन लेने की जरूरत नहीं होगी. रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना रूल्स ऑफ एंगेजमेंट (आरओई) में बदलाव कर रही है.

गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद देश भर में आक्रोश का माहौल है. विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर सवाल उठाए थे कि सीमा पर भारतीय सैनिकों को निहत्थे क्यों भेजा गया? भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सरकार की ओर से इसका जवाब दिया था. उन्होंने कहा था कि सैनिकों के पास हथियार तो थे लेकिन चीन के साथ हुए समझौते के तहत उनका इस्तेमाल नहीं किया.

एलएसी से पीछे हटे भारत और चीन के सैनिक

एक अन्य अंग्रेजी दैनिक द टाइम्स ऑफ इंडिया में गलवान घाटी की मौजूदा स्थिति को लेकर एक खबर छापी है. इस रिपोर्ट के अनुसार गलवान घाटी में फिलहाल जमीन पर क्या स्थिति है इसे लेकर अभी भी पूरी स्पष्टता नहीं है. जानकारी के अनुसार चीन ने दर्जनों बंकर और ठिकाने बनाए हैं और मई की शुरुआत से ही भारत के दावे वाले पैंगोंग में 8 किलोमीटर लंबे क्षेत्र पर कब्जा कर रखा है.

सैना के सूत्रों के अनुसार इंडियन आर्मी ने पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 के पास के इलाके को अपने नियंत्रण में ले रखा है. गलवान घाटी में 15-16 जून की रात चीन और भारत के बीच जहां हिंसक टकराव हुआ था वहां से दोनों देशों की सेनाएं हट चुकी हैं. अब दोनों ही सेनाए एलएसी के अपने-अपने इलाके में ही तैनात हैं.

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *