LAC पर क्या आपके भी सैनिक मारे गए हैं? चीन ने दिया ये जवाब

न्यूज पैंट्री डेस्क : भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर है. कई दशकों के बाद यह पहली बार है जब लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन की सीमा लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर दोनों देशों के बीच संघर्ष हुआ है. मामला और गंभीर तब हो गया जब सोमवार की रात भारत और चीन की सेना में हिंसक झड़प हो गई.

इस हिंसक टकराव में भारत के एक कर्नल समेत 20 जवानों की जान चली गई. सुबह सेना की ओर से जारी बयान में तीन जवानों की मौत की जानकारी दी गई थी. देर रात को सेना ने खुद ही बयान जारी कर बताया कि कुल 20 जवानों की मौत हुई है और कई सैनिक गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं. सेना ने ये भी कहा कि चीन की तरफ भी कुछ नुकसान हुआ है.

चीन ने जवानों के मारे जाने की नहीं की पुष्टि

सेना के इस बयान के बाद से ही भारतीय मीडिया में यह खबर चल रही थी कि चीन के भी 40 से अधिक सैनिक मारे गए हैं. कुछ मीडिया संस्थानों ने इस संख्या को घटाकर और बढ़ाकर भी दिखाया. हालांकि, सच यह है कि अभी तक इस पर कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वाकई चीन के कितने सैनिक मारे गए हैं.

बुधवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने इस मसले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इसमें भारतीय समाचार एजेंसी पीटीआई ने यही सवाल किया कि क्या आपके भी सैनिक मारे गए हैं? पीटीआई ने पूछा कि भारतीय मीडिया में चीन के सैनिकों के मारे जाने और घायल होने की खबरें चल रही हैं, क्या आप इसकी पुष्टि करते हैं?

भारत-चीन के बीच बातचीत जारी

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिजियान ने इसका जवाब दिया. चाओ ने कहा, ‘ देखिए ऐसा है कि दोनों देशों के सैनिक ग्राउंड पर सभी विवादित मसलों को हल करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके अलावा मेरे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है जिसे मैं यहां जारी करूं. आपको पता होगा कि जब से यह हिंसक झड़प हुई है तब से दोनों पक्ष बातचीत के ज़रिए विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि बॉर्डर पर शांति बहाल हो सके.”

इस पूरे जवाब में चाओ लिजियान चीन की ओर से मारे गए सैनिकों के बारे में बताने से बचते नजर आए. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि हिंसक झड़प हुई है लेकिन इसके अलावा कोई ऐसी अतिरिक्त जानकारी नहीं है जो बताई जा सके. इसका मतलब साफ है कि चीन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि उसकी सेना को कितना नुकसान हुआ है.


साथ मिलकर काम करें भारत-चीन

चाओ लिजियान ने आगे कहा, ”भारत और चीन दुनिया के दो बड़े विकासशील और उभरते बाज़ार वाले देश हैं. इन दोनों देशों के बीच आपसी मतभेदों से ज़्यादा साझा हित हैं. दोनों ही मुल्कों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने-अपने नागरिकों के हितों और उम्मीदों के मुताबिक़ आपसी संबंधों को सही रास्ते पर आगे बढ़ाएं. हमें उम्मीद है कि भारत हमारे साथ मिलकर काम करेगा और दोनों देश साथ में आगे बढ़ेंगे.”

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