भारत और चीन के बीच जारी तनाव पर ट्रंप ने किसका साथ दिया?

न्यूज पैंट्री डेस्क : भारत और चीन के बीच जारी तनाव को लेकर अब अमरेकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी है. ट्रंप ने कहा है कि वे भारत और चीन के तनाव पर नजर बनाए हुए हैं और इसे खत्म करने के लिए मदद करना चाहते हैं. इसके अलावा ट्रंप ने कहा कि अमेरिका भारत और चीन से बातचीत कर रहा है.

व्हाइट हाउस के बाहर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने भारती-चीन विवाद पर अपनी राय रखी. उन्होंने पत्रकारों से कहा, “ये बेहद ही मुश्किल परिस्थति है. इस मसले पर हम भारत और चीन से बात कर रहे हैं. दोनों देशों के बीच बड़ी समस्या है और दोनों एक-दूसरे के सामने आ गए हैं. हम उनकी मदद करने की कोशिश कर रहे हैं.”


भारत-चीन तनाव पर अमेरिका की नजर

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से भारत और चीन की सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर तनाव की स्थिति बनी हुई है. इस बीच 15 और 16 जून को गलवान घाटी में दोनों ओर के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गई. इस दौरान भारत के एक कमांडिंग ऑफिसर समेत 20 जवानों की जान चली गई थी.

चीन के भी सैनिकों के मारे जाने की खबर सामने आई थी लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इस मसले पर अमेरिका ने दोनों देशों को तनाव खत्म करने की अपील की है. पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था कि मैं भारत और चीन के बीच मध्यस्थता करने के लिए तैयार हूं.


अमेरिका ने भारत के प्रति जताई संवेदना

एक ट्वीट करते हुए ट्रंप ने मध्यस्थता की पेशकश की थी. ट्रंप ने कहा था, “हमने भारत और चीन दोनों को सूचित कर दिया है कि उनके सीमा विवाद पर अमरीका मध्यस्थता करने को इच्छुक और समर्थ है.” इसके साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप ने ये भी कहा था कि चीन के साथ तनाव को लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मूड ख़राब है. ट्रंप के इस प्रस्ताव को भारत और चीन दोनों ने ही नकार दिया था.

भारत और चीन के बीच तनाव पर अमेरिका नजर रखे हुए है. हाल ही में अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने ट्वीट कर भारत के साथ संवेदना जताई थी. माइक पोम्पियो ने कहा था, “हम चीन के साथ हाल में हुए संघर्ष की वजह से हुई मौतों के लिए भारत के लोगों के साथ गहरी संवेदना जताते हैं. हम इन सैनिकों के परिवारों, उनके आत्मीय जनों और समुदायों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं.”

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *