कोरोना संकट के बीच आपस में क्यों उलझे हुए हैं अमेरिका और चीन ?

अमिताभ राय, न्यूज पैंट्री : पूरी दुनिया कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रही है. लाखों लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं और महामारी अभी थमती नहीं दिख रही है. दिलचस्प बात यह है कि कोविड-19 वायरस की शुरूआत चीन से हुई थी और इसने सबसे ज्यादा तबाही अमेरिका में मचाई है. इसके चलते हालात ऐसे हो गए हैं कि अमेरिका और चीन के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है.

अमेरिका शुरू से ही कोरोना वायरस के लिए चीन को जिम्मेदार ठहरा रहा है. यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप तो कोरोना वायरस को ‘चीनी वायरस’ भी कह चुके हैं. चीन इन आरोपों को हमेशा सिरे से खारिज करता रहा है. सुपर पॉवर माने जाने वाले अमेरिका ने इस महामारी के आगे घुटने टेक दिए हैं. इससे गुस्साया अमेरिका चीन को सबक सिखाने की कोशिशों में जुटा हुआ है.

अमेरिका में चीन छात्रों के प्रवेश पर पाबंदी

राष्ट्रपति ट्रंप चीन को कई चेतावनी दे चुके हैं. इसके अलावा वो ऐसे कई फैसले ले चुके हैं जिनसे चीन की नाराजगी बढ़ना लाजमी है. इसी कड़ी में अमेरिका ने सख्त रुख अपनाते हुए चीनी छात्रों और शोधकर्ताओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है. ट्रंप ने आरोप लगाया कि चीन अपने कुछ छात्रों और रिसर्चरों का इस्तेमाल बौद्धिक संपदा हासिल करने के लिए करता है. इस बौद्धिक मालुमात का चीनी अधिकारियों के हाथों इस्तेमाल होने का अधिक जोखिम है. यह चिंता बढ़ाने वाली बात है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार चीन की इन नीतियों को रोकना जरुरी है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो अमेरिका को आने वाले समय में आर्थिक शक्ति के रूप में काफी नुकसान हो सकता है. भविष्य में आने वाले खतरे को भांपते हुए उन्होंने अमेरिका में पढ़ाई या शोध के लिए ‘एफ-1’ या ‘जे-1’ वीजा मांगने वाले चीनी नागरिकों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है.

चीन ने अमेरिका को दी चेतावनी

डोनल्ड ट्रंप के उठाए गए इस कदम पर चीन की ओर से विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने प्रतिक्रिया कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, ”इस तरह के फैसले से दोनों के बीच आपसी रिश्ते काफी हद तक खराब हो सकते हैं.” इसके साथ ही झाओ ने अमेरिका को चीनी छात्रों के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन न करने की चेतावनी दी है.

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चीन और अमेरिका में तल्खी बढ़ती जा रही है. अमेरिका चीन को सबक सिखाने की कोशिशों में जुटा हुआ है. वहीं दूसरी ओर चीन और भारत के बीच भी सीमा विवाद गहराता जा रहा है. अमेरिका और चीन जैसे दो पॉवरफुल देशों में अगर युद्ध जैसे हालात बनते हैं तो पूरी दुनिया पर खतरे के बादल मंडराने लगेंगे. अभी दुनिया कोरोना महामारी जैसी आपदा का सामना कर रही है है ऐसे में युद्ध की विभीषिका एक भारी तबाही की ओर ले जा सकती है.

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