कोरोना संकट: 6 महीने में दुबई की 70 प्रतिशत कंपनियां हो जाएंगी बंद !

न्यूज पैंट्री डेस्क : दुनिया कोरोना महामारी के संकट का सामना कर रही है. इस साल की शुरूआत से ही कई देशों में लॉकडाउन लागू है. इसके बावजूद महामारी थमती दिखाई नहीं दे रही है. इस घातक वायरस की वजह से लाखों लोग अपनी जान तो गंवा ही रहे हैं अब लोगों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है. 

दुनिया के सबसे अमीर शहरों में शुमार दुबई भी इस महामारी की आंधी में ढहता दिखाई दे रहा है. दुबई चेंबर ऑफ कॉमर्स ने कोरोना संकट के कारण होने वाले असर को लेकर एक सर्वे किया है. सर्वे में कहा गया है कि अगले छह महीने में कोविड-19 महामारी के कारण दुबई के 70 प्रतिशत बिजनेस बंद हो सकते हैं.

छोट और मंझोले बिजनेस तबाह

गुरुवार को जारी इस सर्वे में कहा गया है कि यहां की 90 फीसदी से अधिक कंपनियों को इस साल के पहले तीन महीनों में भारी नुकसान हुआ है. कंपनियों की सेल और टर्नओवर पर बुरा असर पड़ा है. चिंता की बात यह है कि पूरी दुनिया में आर्थिक सुस्ती के हालात पैदा हो गए हैं. इसका सबसे ज्यादा असर छोटे और मंझोले उद्योगों पर पड़ा है.

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दुबई में हर साल दुनिया भर के लोग घूमने और छुट्टियां बिताने आते हैं. इस वजह से यहां पर्यटन उद्योग काफी बड़ा है. कोरोना वायरस की वजह से पर्यटन पूरी तरह बंद हो गया है और इस क्षेत्र की कंपनियां डूबने के कगार पर हैं. इसके अलावा रियल स्टेट की आधी से ज्यादा कंपनियां, होटस-रेस्त्रां मालिकों और रिटेल बिजनेस का काम पहले ही 70 फीसदी तक कम हो गया है. आने वाले दिनों में हालात और भी खराब होने वाले हैं.

हालात और बिगड़ेंगे !

इस सर्वे में अलग-अलग फील्ड की कई बड़ी कंपनियों ने हिस्सा लिया. इनमें से 48 फीसदी कंपनियों ने माना कि उनके पास इस संकट से निकलने के लिए कोई प्लान नहीं है. हालांकि, वायरस को रोकने की दिशा में कंपनियों ने कुछ कदम उठाए हैं लेकिन आर्थिक संकट से निपटने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है.

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कंपनियों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें किराये में छुट दी जानी चाहिए. सरकारी खर्चों में कमी किए जाने की जरूरत है. साथ ही सरकारी टैक्स माफ किया जाए और उन्हें इस संकट से निकलने के लिए आर्थिक मदद देने की जरूरत है. इसके साथ ही कंपनियों को तमाम कानूनी कार्यवाहियों में रियायत मिलनी चाहिए.

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