क्या चीन में बहुत पहले ही फैल चुका था कोरोना वायरस, और दुनिया से झूठ बोला?

न्यूज पैंट्री डेस्क : पूरी दुनिया कोरोना महामारी के प्रकोप का सामना कर रही है. इस बीमारी के कारण करीब छह महीने से दुनिया के विकास का पहिया थम गया है. दुनिया भर में अब तक 70 लाख से अधिक लोग कोविड-19 संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं और 4 लाख से अधिक लोगों की जान चली गई है. चिंता की बात यह है कि संक्रमितों और मरने वालों का आंकड़ा रोजाना बढ़ रहा है. 

लाखों लोगों की जिंदगी लील चुकी इस खतरनाक महामारी की शुरूआत चीन के वुहान से हुई थी. इसके बाद धीरे-धीरे यह बाकी देशों में फैलना शुरू हुआ और अब तकरीबन सभी देशों में लोग इसका शिकार बन रहे हैं. अमेरिका सहित दुनिया के तमाम देश कोरोना वायरस पर चीन की भूमिका को लेकर संदेह जताते रहे हैं.

चीन में कब आया कोरोना वायरस

अमेरिका ने तो इसे चाइनीज वायरस करार दिया और आरोप लगाए कि चीन ने कोविड-19 को लेकर दुनिया से जानकारी छिपाई और महामारी के संबंध में पारदर्शिता नहीं बरती. हांलाकि, चीन इन आरोपों का खंडन करता रहा है. लेकिन अब एक अध्ययन में भी कुछ ऐसा ही दावा किया गया है जो यह बताता है कि चीन में कोरोना वायरस को लेकर दुनिया से सच छिपाया गया.

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हार्वर्ड मेडिकल स्कूल ने चीन में कोरोना वायरस से जुड़ी एक रिसर्च की है. इसमें कहा गया है कि हो सकता है कि चीन में वायरस का संक्रमण बहुत पहले ही शुरू हो गया हो. रिसर्च में कमर्शियल सैटेलाइट इमेजरी की मदद से वुहान शहर की कुछ तस्वीरों का अध्ययन किया गया है. साल 2019 अगस्त की इन तस्वीरों में वुहान शहर के अस्पतालों के बाहर बड़ी संख्या में वाहन दिखाई दे रहे हैं.

दिसंबर से पहले ही वुहान में थी हलचल

रिसर्च के मुताबिक, संभव है कि रिपोर्ट किए जाने से बहुत पहले ही चीन में कोविड-19 का प्रकोप शुरू हो गया हो. रिसर्च टीम ने अगस्त में वुहान के पांच बड़े अस्पतालों के बाहर आश्चर्यजनक तौर पर वाहनों की भीड़ की बात कही है. हालांकि ऐसा भी हो सकता है कि जो लोग अस्पताल पहुंचे हों उन्हें मौसम की वजह से खांसी-बुखार और डायरिया की शिकायत हो. यह कोविड-19 के भी सामान्य लक्षण हैं.

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रिसर्च करने वाली टीम का कहना है कि ये सभी सबूत परिस्थितजन्य हैं लेकिन इनसे वायरस की उत्पत्ति को समझने में महत्वपूर्ण सुराग मिलेंगे. टीम का कहना है कि अगस्त के बाद से वुहान में कुछ हलचल बढ़ी थी जो आम दिनों में नहीं दिखती. अक्टूबर तक आते-आते यह हलचल और बढ़ गई थी. इसका मतलब साफ है कि कोरोना महामारी की शुरूआत माने जाने से पहले वुहान में कुछ व्यवधान तो जरूर था जो सामान्य नहीं था.

दिसंबर में हुई कोरोना वायरस की पहचान

बता दें कि साल 2019 के दिसंबर महीन में चीन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को बताया था कि वुहान में निमोनिया जैसे मामले सामने आ रहे हैं. चीन का कहना था कि इसके पीछे की वजह अभी साफ नहीं है. इसके 9 दिन बाद चीन के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सूचना दी कि निमोनिया के बहुत से मामलों में कोरोना वायरस की पहचान हुई है. बाद में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे वैश्विक महामारी घोषित कर दिया था.

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