कोरोना वायरस : भारत में एक साथ 100 से अधिक वैक्सीन पर चल रहा काम

न्यूज पैंट्री डेस्क : कोविड-19 महामारी के सामने पूरी दुनिया लाचार और बेबस नजर आ रही है. 58 लाख से अधिक लोग इस खतरनाक वायरस की चपेट में आ चुके हैं और साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. चिंता की बात यह है कि अब तक इसका कोई कारगर इलाज नहीं मिल पाया है. 

ऐसे में अब सारी उम्मीदें इसकी वैक्सीन पर ही टिकी हैं. दुनिया के कई देशों में कोरोना वैक्सीन पर काम चल रहा है. भारत भी इस दिशा में प्रयास कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार के विजय राघवन ने कहा है कि भारत में करीब 30 टीमें कोविड-19 का टीका बनाने की कोशश में जुटी हैं. इनमें कई बड़े उद्योग समूह, स्टार्टअप और निजी स्तर पर रिसर्च करने वाले वैज्ञानिक शामिल हैं.

भारत में बन रहीं 100 से अधिक वैक्सीन

के. विजय राघवन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत में कोविड-19 टीका पर चल रहे प्रयासों को लेकर जानकारी दी. उन्होंने कहा कि देश भर में वैक्सीन बनाने का काम तेजी से चल रहा है. कम से कम 20 टीमें ऐसी हैं जो इस पर बहुत तेजी से काम कर रही हैं.

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के. राघवन ने आगे कहा कि आमतौर पर वैक्सीन बनाने में 10-15 साल लग जाते हैं. इस दौरान इन्हें बनाने पर करीब 200 मिलियन डॉलर की लागत आती है. कोरोना महामारी बहुत घातक है इसलिए वैक्सीन के लिए इतना लंबा इंतजार नहीं किया जा सकता है. अब हम कोशिश कर रहे हैं कि एक साल के अंदर वैक्सीन बनकर तैयार हो जाए. जल्द से जल्द वैक्सीन बन जाए इसके लिए हम एक ही समय में 100 से अधिक वैक्सीन पर काम कर रहे हैं.

टेस्ट के बाद ही इस्तेमाल होगी कोविड-19 वैक्सीन

प्रधानमंत्री के सलाहकार ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वैक्सीन सामान्य लोगों को दी जाती है. जो लोग बीमार या अधिक गंभीर हैं उन्हें टीका नहीं दिया जा सकता है. इसलिए जरूरी है कि वैक्सीन की क्वालिटी और सुरक्षा का खास ख्याल रखा जाए. इसका सही परीक्षण किया जाए और निश्चित होने के बाद ही इसे लोगों को दिया जाए.

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