पाकिस्तान ने भारत के गरीबों के लिए दिया मदद का ऑफर, कहा- हमारे पास धांसू आइडिया है!

न्यूज पैंट्री डेस्क : भारत समेत पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी के संकट का सामना कर रही है. इस खतरनाक वायरस को रोकने के लिए ज्यादातर देशों में लंबी अवधि के कड़े लॉकडाउन का सहारा लिया जा रहा है. इसकी वजह से करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी छिनने की नौबत आ गई है. भारत में काम-धंधा बंद होने के बाद लाखों प्रवासी मजदूर पलायन कर गए. कई अन्य गरीब देशों में भी ऐसे ही हालात देखने को मिले.

पाकिस्तान में भी कोरोना वायरस संक्रमण तबाही मचा रहा है. आर्थिक मोर्चे पर पहले ही मुश्किलों से घिरे पाकिस्तान के लिए कोरोना का यह दौर काफी घातक माना जा रहा है. ऐसे में गरीबों की मदद के लिए पाकिस्तान ने ‘एहसास प्रोग्राम’ की शुरूआत की है. प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी भारत को इस संबंध में मदद देने की पेशकश की है.

इमरान खान ने भारत को की मदद की पेशकश

इमरान खान ने लॉकडाउन से प्रभावित भारतीय परिवारों के लिए ‘एहसास प्रोग्राम’ के तहत मदद करने की बात की है. इमरान ख़ान ने ट्वीट किया, “इंडिया में रहने वाले वो घराने जो लॉकडाउन की वजह से माली तौर पर प्रभावित हुए हैं, उनकी आसानी के लिए पाकिस्तान अपने एहसास प्रोग्राम को उनके इस्तेमाल के लिए पेश करने को तैयार है.” जानकारी के अनुसार पाकिस्तान में एहसास प्रोग्राम के तहत अब तक 1 करोड़ से ज्यादा परिवारों को 121 अरब पाकिस्तानी रुपये की कैश मदद दी जा चुकी है.

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दरअसल ‘एहसास प्रोग्राम’ के तहत लॉकडाउन के दौरान प्रभावित हुए पीड़ित गरीब परिवारों की आर्थिक मदद की जाती है. कोविड-19 संक्रमण पर काबू पाने के लिए भारत में मार्च के आखिर से कड़ा और देशव्यापी लॉकडाउन लागू किया गया था. इसकी वजह से भारी तादाद में गरीब और मध्यम वर्ग के लोग प्रभावित हुए हैं.


गरीबों पर कोरोना महामारी की मार

कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण गरीबों पर पड़ने वाले असर को लेकर अमेरिका की दो यूनिवर्सिटी ने एक रिपोर्ट जारी की है. मुंबई की एक संस्था ने भी इसी तरह की एक रिपोर्ट पेश की है. इसके मुताबिक लॉकडाउन के कारण 84 फीसदी परिवारों की आमदनी में कमी आएगी. इसके अलावा 34 फीसदी ऐसे परिवार हैं जो बिना मदद के एक हफ्ते से ज्यादा अपना गुजारा नहीं कर पाएंगे.

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