जम्मू-कश्मीर में फिर से कुछ बड़ा करने जा रही है मोदी सरकार!

न्यूज पैंट्री डेस्क : भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव की स्थिति बनी हुई है. दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़प भी हो चुकी है जिसमें 20 भारतीय सैनिक मारे गए थे. चीन की तरफ हुए नुकसान को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं हुई है. भारत और चीन के सैनिक जम्मू-कश्मीर से अलग हुए लद्दाख में आमने-सामने हैं.

इस बीच केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में प्रशासन ने दो नए आदेश जारी किए हैं. इन आदेशों के बाद से वहां लोगों में घबराहट और चिंता का माहौल पैदा हो गया है. प्रशासन ने तेल कंपनियों को एलपीजी सिलेंडर का स्टॉक करने का आदेश दिया है. साथ ही स्कूल की बिल्डिंग्स को खाली करने को कहा गया है. स्कूल की इन इमारतों में सैनिकों को ठहराने का इंतजाम किया जाएगा.

जम्मू-कश्मीर के लोगों में बेचैनी

इन दोनों आदेशों से आम लोग डरे हुए हैं. दरअसल, बालाकोट एयरस्ट्राइक और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को खत्म करते वक्त भी ऐसे ही आदेश दिए गए थे. अब चीन के साथ तनाव के बीच जिस तरह से आदेश दिए गए हैं उससे लोगों को आशंका है कि कुछ बड़ा होने वाला है. मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जम्मू-कश्मीर के सभी राजनीतिक दलों ने इन दोनों फैसलों पर आपत्ति जताई है.

दरअसल पहला आदेश खाद्य, नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता विभाग की ओर से जारी किया गया है. इस आदेश में तेल कंपनियों को कहा गया है कि वो बॉटलिंग प्लांट्स और गोदाम में एलपीजी का इतना स्टॉक जमा कर लें कि दो महीने तक काम चल सके. दूसरा आदेश गंदरबल के एसपी ने निकाला है. एसपी ने मिडिल एंड हाईस्कूल समेत जिले के 16 शैक्षणिक संस्थानों को खाली करने के आदेश दिए हैं.

प्रशासन ने दी सफाई

प्रशासन से जब इन आदेशों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है. अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर ऐसा किया गया है. हर साल ऐसा किया जाता है इस बार कुछ नया नहीं है. सैनिकों को ठहराने के लिए स्कूलों में ही इंतजाम किया जाता है. प्रशासन का कहना है कि भू-स्खलन के कारण रास्ते बंद हो जाते हैं इसलिए कंपनियों को सिलेंडर का स्टॉक करने के आदेश दिए गए हैं.

प्रशासन की इस सफाई से आम लोगों की बेचैनी कम नहीं हो रही है. उनका कहना है कि धारा-370 खत्म करने और बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक से पहले भी इसी तरह के आदेश जारी किए गए थे. उस समय भी सरकार ने यही कहा था कि ये सब रूटीन मामला है और आम नागरिकों को घबराने की ज़रूरत नहीं है.

उमर अब्दुल्ला ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ़्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने नए आदेशों को लेकर एक ट्वीट किया है. उन्होंने कहा, ”सरकार के आदेश से लोगों में घबराहट बढ़ गई है और दुर्भाग्य से पिछले साल के झूठ और गलत आश्वासन के बाद अब अगर सरकार इस बार इन आदेशों के बारे में सफाई भी देगी तो शायद ही हममें से कोई इन पर भरोसा करेगा. लेकिन इसके बावजूद सरकार को इन आदेशों के बारे में सफाई देनी चाहिए.”

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