कोरोना की वैक्सीन के लिए दुनिया की नजरें भारत की इस कंपनी पर क्यों टिकी हैं ?

न्यूज पैंट्री डेस्क : दुनिया में कोरोना वायरस ने लाखों लोगों की जानें लील ली हैं. इसकी वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. करोड़ों लोग लॉकडाउन का सामना कर रहे हैं और महीनों से अपने घरों में बंद हैं. लेकिन अभी तक इस जानलेवा महामारी से निपटने के लिए कोई इलाज नहीं मिल पाया है. दुनिया भर के वैज्ञानिक और मेडिकल रिसर्चर इस वायरस की काट ढूढ़ने में लगे हैं. माना जा रहा है कि जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक इस महामारी से पार पाना मुश्किल है.

दुनिया की कई टीमें वैक्सीन बनाने में जुटी हुई हैं. इस रेस में भारत की एक कंपनी पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं. महाराष्ट्र के पुणे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कंपनी दुनिया में सबसे ज्यादा वैक्सीन बनाती है. इस कंपनी ने कोविड-19 की वैक्सीन बनाने के लिए ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ समझौता किया है.

कोविड-19 वैक्सीन के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ करार

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में जिस वैक्सीन पर काम चल रहा है उसके परिणाम काफी सकारात्मक माने जा रहे हैं. अभी हाल ही में इस वैक्सीन को बंदरों पर परीक्षण किया था जिसके नतीजे बहुत ही अच्छे साबित हुए. अब इस वैक्सीन का इंसानों पर ट्रायल शुरू कर दिया गया है. इस परीक्षण के कामयाब होते ही सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया वैक्सीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर देगी.

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एसएसआई (SSI) दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन बनाने वाली कंपनी है. कंपनी में हर साल 40 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन बनाने की क्षमता है. कंपनी के रिसर्च एंड डेवलपमेंट हेड का कहना है कि एसएसआई में हर दिन आधी रात से पहले केंद्र सरकार का मैसेज आता है. रोजाना वैक्सीन को लेकर चल रहे काम का अपडेट मांगा जाता है. इस दौरान इस बात का भी ख्याल रखा जाता है कि काम में किसी किस्म की कोई दिक्कत तो नहीं आ रही है. आम तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैज्ञानिक सलाहकार के. विजयराघवन यह मैसेज भेजते हैं.

दिन-रात मदद में जुटी मोदी सरकार 

अगर काम में कोई परेशानी होती है तो के. विजयराघवन को सूचना दी जाती है. इसके बाद तुरंत ही उस समस्या को सुलझा दिया जाता है. वैक्सीन बनाने के काम में आने वाली किसी भी रुकावट को दूर करने के लिए केंद्र सरकार दिन-रात काम कर रही है. इस बात से साफ जाहिर होता है कि वैक्सीन बनाने को सरकार किस कदर अहमियत दे रही है.

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एसएसआई ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में बनने वाली वैक्सीन के लिए एक अलग यूनिट पर काम करना शुरू कर दिया है. मतलब कोरोना की वैक्सीन बनाने के लिए कंपनी एक नया प्लांट लगा रही है. माना जा रहा है कि सितंबर तक वैक्सीन का उत्पादन शुरू हो जाएगा. कंपनी का कहना है कि एक साल के अंदर 40 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन बना ली जाएंगी. इससे साफ है कि वैक्सीन भारत के लोगों को सबसे पहले मिलेगी.

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