13 घंटे तक अस्पतालों के चक्कर लगाती रही गर्भवती, किसी ने नहीं किया भर्ती तो ऐंबुलेंस में ही हो गई मौत

न्यूज पैंट्री डेस्क : उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां समय से इलाज न मिल पाने के कारण 8 महीने की एक गर्भवती महिला की मौत हो गई. महिला के परिजनों ने उसे कई अस्पतालों में भर्ती कराने की कोशिश की लेकिन अस्पतालों ने एडमिट करने से मना कर दिया. इस वजह से महिला के साथ-साथ उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई.

दरअसल मृतक महिला गाजियाबाद की रहने वाली थी. उसे सांस लेने में दिक्कत आ रही थी. जब परेशानी बढ़ी तो परिजन उसे ईएसआई अस्पताल ले गए. वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. यहां से शुरू हुआ अस्पतालों का खेल. जिला अस्पताल ने महिला की स्थिति को नाजुक बताते हुए शारदा अस्पताल भेज दिया. शारदा अस्पताल वालों ने बहाना मारकर उसे जिम्स ले जाने के लिए कहा.


तड़पती रही महिला लेकिन अस्पतालों ने नहीं किया इलाज

इस दौरान महिला ऐेंबुलेंस में ही दर्द से तड़पती रही. परिजन उसे तुरंत जिम्स ले गए जहां एक भी बेड खाली नहीं था. इसके बाद पीड़ित महिला को फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया. वहां अस्पताल प्रशासन ने उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया. लाचार परिजन महिला को मैक्स अस्पताल ले गए. तब तक बहुत देर हो चुकी थी. दर्द से तड़पते हुए महिला ने ऐंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया. इसके साथ ही गर्भ में पल रहा उसका 8 माह का बच्चा भी काल के गाल में समा गया.

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बता दें कि नोएडा के शिवालिक अस्पताल में महिला का रुटीन इलाज चल रहा था. उसकी तबियत बिगड़ी तो इस अस्पताल ने इलाज करने से मना कर दिया. माना जा रहा है कि कोरोना वायरस के डर की वजह से अस्पतालों ने उसे एडमिट करने से मना कर दिया. इस लापरवाही की वजह से महिला ने दम तोड़ दिया. मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं.

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